MeRi KaHaNi
Saturday, 6 February 2016
Diwali / दिवाली
मेरी नजरे तंगी है तुम्हारे खिड़की पे और सांसो का आना जाना तुम्हारे दरवाजे होकर गुजर रही है.
मिलाओ नजर तो फिर इश्क़ कर लूँ की अभी अभी दिल के कोने में एक दिवाली की रात हुई है....
शंकर शाह
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Tweet
t
No comments:
Post a Comment